पंचमुखी गौशाला में बनबसा की संस्था द्वारा गौसेवा व भक्ति की पेश की अनूठी मिशाल, गौवंशीयो की मदद को 11 हजार की धनराशि की भेंट, भजन कीर्तन का भी किया गया आयोजन

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टनकपुर। सनातन संस्कृति में गोसेवा को सर्वोच्च पुण्य माना गया है। इसी भाव को साकार करते हुए HELPING HANDS FOR SPEECHLESS SOUL GROUP, बनबसा द्वारा मां कोटगाड़ी को समर्पित पंचमुखी गोशाला, टनकपुर में श्रद्धा, सेवा और भक्ति का अनुपम संगम देखने को मिला।

जहाँ रविवार को बनबसा निवासी रेखा चंद के नेतृत्व में संस्था द्वारा ₹11,000 (ग्यारह हजार रुपये) की धनराशि गोसेवा हेतु पंचमुखी गोशाला को अर्पित की गई। यह दान पूर्णतः निःस्वार्थ भाव से गौ माताओं के भरण-पोषण और सेवा कार्यों के लिए समर्पित किया गया।इस पावन अवसर पर गोशाला प्रांगण में भजन-कीर्तन का दिव्य आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गौसेवकों एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर गोमाता का आशीर्वाद प्राप्त किया।

सम्पूर्ण वातावरण भक्ति, सेवा और आत्मिक शांति से सराबोर रहा। संस्था की ओर से सभी श्रद्धालुओं से निवेदन किया गया कि वे समय-समय पर मां कोटगाड़ी को समर्पित पंचमुखी गोशाला में आकर गोसेवा, गोग्रास एवं धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता करें।

पंचमुखी गोशाला टनकपुर के समस्त गोभक्तों ने इस पुण्य कार्य के लिए संस्था एवं दानदाताओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए गोमाता से सभी के सुख, शांति और कल्याण की कामना की।उल्लेखनीय है कि पंचमुखी गोशाला, टनकपुर का मुख्य उद्देश्य बेसहारा, बीमार, घायल एवं असहाय मूक जीवों की निस्वार्थ सेवा करना है। संस्था वर्तमान में टनकपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। गाय एवं नंदी के साथ-साथ कुत्ते, बंदर, घोड़े, पक्षी आदि जीवों का भी सूचना मिलते ही त्वरित रेस्क्यू एवं उपचार किया जाता है।

यह संस्था पूर्णतः स्वयंसेवी, गैर-राजनीतिक है तथा किसी भी राजनीतिक अथवा अन्य संगठनों से इसका कोई संबंध नहीं है।संस्था द्वारा आत्मिक शांति एवं पुण्य लाभ हेतु सभी श्रद्धालुओं से गौशाला में आश्रित निराश्रित गोमाताओं के भरण-पोषण के लिए गोग्रास के रूप में यथाशक्ति दान कर पुण्य के सहभागी बननें का अनुरोध किया गया।