
टनकपुर (चंपावत) । शारदा कॉरिडोर के अंतर्गत आने वाले ग्राम बोरागोठ में किरोड़ा नाले की बाढ़ हर वर्ष ग्रामीणों के लिए आफत बनती जा रही है। बरसात के मौसम में नाले का पानी गांव में घुसने से घरों व खेतों को भारी नुकसान हो रहा है। इसी गंभीर समस्या को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से किरोड़ा पुल के नीचे लगभग 700 मीटर बाढ़ सुरक्षा कार्य कराए जाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि बीते वर्ष आई बाढ़ ने गांव में भारी तबाही मचाई थी और लोगों को लाखों रुपये का आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा। गांववासियों ने बताया कि वे वर्ष 2020 से लगातार सीसी ब्लॉक/सीसी बांध निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
नाले का रुख गांव की ओर, खतरा बढ़ा………ग्रामीणों के अनुसार पुल के नीचे नाले के पुराने मार्ग में भारी मात्रा में पत्थर, बोल्डर व आरबीएम जमा हो चुका है, जिससे नाले का बहाव गांव की तरफ मुड़ गया है। इससे बाढ़ का खतरा कई गुना बढ़ गया है।अस्थायी कार्य बह जाता है, स्थायी समाधान जरूरी…..
सिंचाई विभाग द्वारा हर वर्ष अस्थायी चैनलाइजेशन कराया जाता है, लेकिन बारिश के तेज बहाव में यह व्यवस्था बह जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि अब केवल सीसी ब्लॉक या सीसी बांध निर्माण ही गांव को बाढ़ से स्थायी सुरक्षा दे सकता है।ग्रामीणों की अपील— शीघ्र कार्यवाही करे सरकार……..ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि जनहित में शीघ्र इस कार्य को स्वीकृत कराकर गांव को आपदा से बचाया जाए। ग्रामीणों को उम्मीद है कि सरकार समय रहते कदम उठाएगी और बोरागोठ को बाढ़ की त्रासदी से राहत मिलेगी। ज्ञापन में ग्राम प्रधान कंचन देवी व जिला पंचायत उपध्यक्ष पुष्पा विश्वकर्मा के हस्ताक्षर हैं।


