
चंपावत। वीआईपी और वीवीआईपी कार्यक्रमों की कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर चंपावत जिला पत्रकार संगठन ने सख्त नाराजगी जताई है। संगठन की वर्चुअल बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई, जिसमें जिलेभर के पत्रकारों ने अपने अनुभव साझा करते हुए व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए।जिला अध्यक्ष चंद्रबलभ ओली ने बैठक का शुभारंभ करते हुए कहा कि पत्रकारों की गरिमा की रक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार बिना किसी भय या दबाव के अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं और जनता की आवाज शासन तक पहुंचाते हैं।
ऐसे में उनके साथ असम्मानजनक व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। पत्रकारों का कहना था कि सूचना विभाग की ओर से अधिकृत पास जारी किए जाने के बावजूद कार्यक्रम स्थलों पर उन्हें कई बार असुविधाजनक और अपमानजनक स्थितियों का सामना करना पड़ता है। कई आयोजनों में पत्रकारों के लिए पृथक स्थान की व्यवस्था नहीं होती, सुरक्षा कर्मियों द्वारा अनावश्यक रोक-टोक की जाती है और कभी-कभी कवरेज के दौरान उन्हें पीछे खड़ा कर दिया जाता है, जिससे न तो सही ढंग से रिपोर्टिंग हो पाती है और न ही फोटोग्राफी/वीडियोग्राफी।बैठक में वक्ताओं ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के सजग प्रहरी हैं और शासन-प्रशासन तथा जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। यदि उन्हें ही कार्यक्रमों में सम्मानजनक स्थान और सहयोग न मिले तो यह व्यवस्था की गंभीर कमी मानी जाएगी।
पत्रकारों ने स्पष्ट कहा कि वे कवरेज के दौरान किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे, बल्कि केवल गरिमा और पेशेवर दायित्व निभाने के लिए उपयुक्त वातावरण चाहते हैं।संगठन ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी की उपस्थिति में जिला सूचना अधिकारी के साथ औपचारिक वार्ता की जाएगी। वार्ता में पत्रकारों के लिए स्पष्ट प्रोटोकॉल तय करने, कार्यक्रम स्थलों पर पृथक मीडिया गैलरी/बैठक व्यवस्था, समय से पास वितरण और सुरक्षा कर्मियों को मीडिया के प्रति संवेदनशील बनाने जैसे मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाएंगे।बैठक में संगठनात्मक मजबूती पर भी जोर दिया गया। संगठन द्वारा जारी परिचय पत्रों के नवीनीकरण पर विस्तृत चर्चा हुई।
निर्णय लिया गया कि नवीनीकरण प्रक्रिया को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया जाएगा। इसके लिए आधार कार्ड, शैक्षिक प्रमाण पत्र, संबंधित संस्थान द्वारा जारी अधिकृत पत्र, मोबाइल नंबर, ब्लड ग्रुप तथा पासपोर्ट साइज फोटो जमा करना अनिवार्य होगा।
पत्रकार मान्यता के विषय में भी गंभीर विचार-विमर्श किया गया। निर्धारित मापदंडों के अंतर्गत आने वाले पत्रकारों से कहा गया कि वे प्रपत्र भरकर आवश्यक दस्तावेज संगठन के माध्यम से प्रस्तुत करें, ताकि उनकी पात्रता सुनिश्चित की जा सके। लंबे समय से सक्रिय पत्रकार अपने मेडिकल वाउचर संलग्न कर मुख्यमंत्री को संबोधित पत्र संगठन के माध्यम से भेज सकेंगे, जिससे उन्हें शासन स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं का लाभ मिल सके।जिला महामंत्री गिरीश बिष्ट ने बताया कि संगठन को और अधिक सशक्त और प्रभावी बनाने के लिए तहसील स्तर पर भी इकाइयों का गठन किया जाएगा। इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकारों की समस्याएं भी संगठन के माध्यम से प्रभावी ढंग से उठाई जा सकेंगी।बैठक में मुख्यमंत्री के नोडल अधिकारी के साथ पत्रकारों का होली मिलन कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव भी रखा गया। कुछ सदस्यों ने सुझाव दिया कि यदि मुख्यमंत्री की उपस्थिति कार्यक्रम में हो जाए तो यह पत्रकारों और शासन के बीच सकारात्मक संवाद का बेहतर अवसर बन सकता है।बैठक में वरिष्ठ पत्रकार गणेश दत्त पांडे, देवेंद्र देवा, कुंदन सिंह बिष्ट, महेंद्र सिंह बिष्ट, नवीन भट्ट, बाबूलाल यादव, विनोद जोशी, दीपक धामी, भूपेश प्रजापति सहित अनेक पत्रकारों ने चर्चा में भाग लिया, और एक स्वर में पत्रकार सम्मान, अधिकारों की रक्षा तथा संगठनात्मक एकता को मजबूत बनाए रखने का संकल्प दोहराया। अंत में यह तय किया गया कि यदि वार्ता के बाद भी व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो संगठन आगे की रणनीति तय करेगा।

