
देहरादून, 13 फरवरी 2026उत्तराखंड शासन ने शुक्रवार को पुलिस प्रशासन में बड़े स्तर पर फेरबदल करते हुए भारतीय पुलिस सेवा (IPS) एवं प्रांतीय पुलिस सेवा (PPS) के कुल 20 अधिकारियों के स्थानांतरण व तैनाती आदेश जारी किए हैं। आदेश संख्या 221/XX-1-2026-2(4)2002टी.सी. के तहत जारी सूची में कई महत्वपूर्ण जिलों और रणनीतिक इकाइयों के प्रमुख बदले गए हैं।
यह फेरबदल राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा संवेदनशील जिलों में प्रशासनिक पकड़ मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।प्रमुख बदलाव एक नजर मेंशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार—श्रीमती निवेदिता कुकरेती को पुलिस उपमहानिरीक्षक, एसडीआरएफ से पदोन्नत कर पुलिस महानिरीक्षक, एसडीआरएफ बनाया गया है।
श्री प्रमेन्द्र डोबाल को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून नियुक्त किया गया है।श्री अजय सिंह को एसएसपी देहरादून पद से हटाकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
श्री नवनीत सिंह को एसएसपी एसटीएफ से स्थानांतरित कर एसएसपी हरिद्वार बनाया गया है।श्री अजय गणपति कुम्भार को पुलिस अधीक्षक चम्पावत से पदोन्नत कर एसएसपी ऊधमसिंहनगर नियुक्त किया गया है।श्रीमती रेखा यादव को एसपी पिथौरागढ़ से स्थानांतरित कर एसपी चम्पावत भेजा गया है।श्री अक्षय प्रहलाद कोण्डे को एसपी रूद्रप्रयाग से एसपी पिथौरागढ़ बनाया गया है।श्रीमती निहारिका तोमर को ऊधमसिंहनगर से स्थानांतरित कर एसपी रूद्रप्रयाग नियुक्त किया गया है।
इसके अलावा अभिसूचना, सीबीसीआईडी, पीएसी, आईआरबी, बागेश्वर एवं कोटद्वार सहित कई अहम इकाइयों में भी व्यापक स्तर पर बदलाव किए गए हैं।
तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देशशासनादेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सभी अधिकारी तत्काल प्रभाव से अपने नवीन तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण करें।
साथ ही कार्यभार ग्रहण प्रमाणपत्र पुलिस महानिदेशक, उत्तराखंड के माध्यम से शासन को प्रेषित किया जाए।क्या संकेत देता है यह प्रशासनिक फेरबदल?विशेषज्ञों के अनुसार यह तबादला सूची आगामी प्रशासनिक चुनौतियों, कानून-व्यवस्था की मजबूती तथा रणनीतिक इकाइयों को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।खासतौर पर देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर जैसे संवेदनशील जिलों में नए नेतृत्व की तैनाती शासन की प्राथमिकताओं और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की रणनीति का संकेत देती है।📌 राज्य में पुलिस प्रशासन की इस बड़ी कवायद को आगामी समय में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।


