टनकपुर में रेलवे की कार्रवाई से मचा हड़कंप, सात दिन में घर खाली करने के नोटिस से सैकड़ों परिवारों पर बेघर होने का खतरा

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टनकपुर। वार्ड नंबर 3 टनकपुर में रेलवे विभाग द्वारा अतिक्रमण के नाम पर की जा रही कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में भारी रोष और भय का माहौल है। रेलवे विभाग के कार्यालय सी०से०इंजी०/कार्य/पीलीभीत द्वारा दिनांक 20 जनवरी 2026 को पुनः नोटिस चस्पा कर स्थानीय निवासियों को सात दिन के भीतर अपने मकान खाली करने का निर्देश दिया गया है।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेलवे विभाग मनमाने तरीके से कार्रवाई कर रहा है। जहां एक ओर रेलवे द्वारा शासन-प्रशासन से अनुमति कहीं और की ली जाती है, वहीं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अलग स्थानों पर की जा रही है।

इससे आम नागरिकों में असमंजस और मानसिक प्रताड़ना की स्थिति बनी हुई है।सबसे अहम बात यह है कि यह पूरा मामला माननीय उच्च न्यायालय नैनीताल में विचाराधीन (लंबित) है। इसके बावजूद रेलवे विभाग द्वारा लगातार नोटिस जारी कर लोगों को डराया जा रहा है, जिसे न्यायालय की अवमानना के रूप में भी देखा जा रहा है।स्थानीय वार्डवासियों का कहना है कि यदि रेलवे की यह कार्रवाई नहीं रोकी गई, तो टनकपुर नगर क्षेत्र में सैकड़ों लोग अपने घरों से बेघर हो जाएंगे।

इनमें गरीब, मजदूर, बुजुर्ग और महिलाएं शामिल हैं, जिनके पास वैकल्पिक आवास की कोई व्यवस्था नहीं है।इस गंभीर स्थिति को देखते हुए समस्त वार्डवासियों ने माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि मामले का तत्काल संज्ञान लेकर रेलवे विभाग की कार्रवाई पर रोक लगाई जा सके और आम जनता को राहत मिल सके।वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।

फिलहाल लोगों की नजरें सरकार और जिला प्रशासन की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं, ताकि न्यायालय में लंबित मामले के निस्तारण तक किसी भी तरह की जबरन कार्रवाई रोकी जा सके।