
टनकपुर। जिलाधिकारी मनीष कुमार के निर्देशों के अनुपालन में तथा बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित विशेष अभियान के अंतर्गत गुरुवार को टनकपुर क्षेत्र में एक व्यापक संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस अभियान का उद्देश्य निर्माणाधीन स्थलों, दुकानों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, परिवहन केंद्रों तथा अन्य सार्वजनिक स्थानों पर संभावित बाल श्रम की रोकथाम सुनिश्चित करना, बच्चों को असुरक्षित परिस्थितियों से संरक्षण प्रदान करना तथा सड़क पर रहने वाले संवेदनशील बच्चों को संरक्षण तंत्र से जोड़ना रहा।
अभियान में श्रम विभाग, पुलिस विभाग, बाल कल्याण समिति (CWC), चाइल्ड हेल्पलाइन तथा जिला बाल संरक्षण इकाई की संयुक्त टीम ने सक्रिय सहभागिता की। टीम द्वारा टनकपुर के विभिन्न निर्माणाधीन स्थलों, दुकानों, आईएसबीटी बस स्टेशन एवं रेलवे स्टेशन क्षेत्र में सघन निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान किसी भी बाल श्रमिक या बाल श्रम में संलिप्त बच्चे की उपस्थिति नहीं पाई गई, जो प्रशासन की सतत निगरानी एवं जागरूकता प्रयासों का सकारात्मक परिणाम है।
निरीक्षण के दौरान टीम द्वारा बच्चों एवं किशोरों से संवाद स्थापित कर उनकी आयु, शैक्षिक स्थिति, कार्य की प्रकृति तथा पारिवारिक पृष्ठभूमि के संबंध में जानकारी ली गई। साथ ही श्रम विभाग के अधिकारियों द्वारा संबंधित प्रतिष्ठानों के स्वामियों/प्रबंधकों से अभिलेखों का सत्यापन भी किया गया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि जनपद प्रशासन बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी इस प्रकार के संयुक्त निरीक्षण अभियान नियमित रूप से संचालित किए जाएंगे, ताकि कोई भी बच्चा बाल श्रम अथवा असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन यापन करने को विवश न हो।


