
चम्पावत। जनपद चम्पावत के चूका क्षेत्र अंतर्गत रियासी-बमनगांव तोक (सीम) में खनन पट्टों की आड़ में भारी मशीनों द्वारा लंबे समय से अवैध खनन किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने इस पर कड़ा विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में जेसीबी, पोकलैंड जैसी भारी मशीनों से खुलेआम नदी का सीना चीरकर खनन किया जा रहा है, जो खनन नियमों, पर्यावरणीय मानकों एवं शासन-न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन है।
नदी किनारे बसे गांवों पर मंडरा रहा संकट….
अवैध खनन के कारण नदी के समीप बसे गांवों के लिए खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार खनन माफियाओं द्वारा नियमों के विपरीत 15 से 20 फीट से अधिक गहरे खड्डे खोद दिए गए हैं, जिससे भू-धंसाव, कटाव और बरसात के समय भारी जान-माल नुकसान की आशंका बनी हुई है।
ओवरलोड वाहनों ने तोड़ी सड़कें, ग्रामीणों की सुरक्षा खतरे में….
ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों के संघर्ष के बाद जो सड़क क्षेत्र में बनी थी, उसे ओवरलोड खनन वाहनों ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है। भारी वाहनों की अनियंत्रित आवाजाही से ग्रामीणों की सुरक्षा पर भी संकट उत्पन्न हो गया है।
प्रशासनिक चुप्पी पर उठे सवाल…..
ग्रामीणों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन एवं खनन विभाग को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जब भी अधिकारी निरीक्षण के लिए आते हैं, तो मामले को टालने वाले जवाब देकर लौट जाते हैं। इससे विभागीय संरक्षण की आशंका भी गहराती जा रही है और जनता का शासन-प्रशासन से विश्वास डगमगा रहा है।
मुख्यमंत्री से की गई प्रमुख मांगें…..
ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि सीम-चूका क्षेत्र में जेसीबी/पोकलैंड मशीनों से हो रहे अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाई जाए। नदी क्षेत्र में किए गए अवैध उत्खनन एवं गहरे खड्डों की तकनीकी जांच कराई जाए।
ओवरलोड वाहनों पर सख्त कार्रवाई कर क्षतिग्रस्त सड़क की शीघ्र मरम्मत कराई जाए।
स्थानीय प्रशासन एवं खनन विभाग की भूमिका की निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
दोषी व्यक्तियों व अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री का संवेदनशील नेतृत्व जनहित, ग्रामीण सुरक्षा एवं पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शीघ्र आवश्यक कदम उठाएगा। ताकि क्षेत्र के लोगों को आगामी दुश्वारियों से छुटकारा मिल सके।
ज्ञापन में सरपंच पवन सिंह, ग्राम प्रधान पंकज तिवारी के अलावा सोबन सिंह, दीपक सिंह, दान सिंह, पुष्कर राम, माखन सिंह, गौरव सिंह, भरत सिंह, मानसिंह, पंकज सिंह, पुष्कर सिंह, पवन सिंह और रवि राम के हस्ताक्षर हैं।


