
टनकपुर (चम्पावत)।आस्था और आर्थिकी के संगम माने जाने वाले माँ पूर्णागिरी मेले में इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ तो उमड़ रही है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों की रोजी-रोटी पर प्रशासनिक उदासीनता का साया पड़ता नजर आ रहा है। अस्थायी दुकानों को अनुमति देने में हो रही देरी के विरोध में आक्रोशित स्थानीय जनता और दुकानदारों ने पार्किंग स्थल के समीप गुरूवार की शाम को धरना शुरू कर दिया, जो आज दूसरे दिन भी जारी हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मेला शुरू हों गया हैं, लेकिन अभी तक अस्थायी दुकानों को लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। इससे छोटे व्यापारियों और स्थानीय परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि हर वर्ष शारदा बैराज पुल के निर्माण के बाद से मेले के दौरान इसी स्थान पर दुकानें लगती रही हैं, लेकिन इस बार NHPC प्रबंधन की “फाइलों की यात्रा” खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि “मेला श्रद्धालुओं के लिए खुला है, मगर दुकानदारों के लिए मानो अनुमति का दरवाजा बंद है।” उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व विधायक के नेतृत्व में जिला अधिकारी को सम्बोधित ज्ञापन एसडीएम को सौपा गया, जिसमे अस्थायी दुकानदारों की समस्याओ को ध्यान में रखते हुए बैराज क्षेत्र में दुकाने लगाए जाने की मांग की गयीं।
धरना स्थल पर भावना गंगवार, रचना गंगवार, शंकर लाल, ममता, सोनू (सुनील), अंशु (अंकित), राधा, सोनू, किरण, राजकुमारी, पूनम, चंपा देवी, खुशबू कश्यप, आशीष, आयु देवी, सुशील देवी, ममता देवी, प्रिया कश्यप, सुमन, सरिता, गीता, लक्ष्मी, शकुंतला, सोमवती, गीता, धर्मेंद्र, अभिषेक, आकाश, राम ललित, शिबिन बाबू, दिनेश, विरेंद्र शाह, अशोक, भुवन, भोल्या, आकाश, अनिरुद्ध, लीला देवी, प्रेमा दयारी, हरगोविंद, खिला प्रसाद, रोहित, पिंकी, नेहा, सुनीता देवी, कमला देवी, उषा देवी, राजकुमार, सरिता, निरंजन, विनोद, नीलम, मिंटू, नेहा देवी, श्याम, नीतू, गीता लाल, गोमती, विशाल, हरीश सिंह, गीता, श्याम, विक्रम, नगीना राम, लीलावती, हेमा, आकाश, अंजली, खुशबू, शौभाजन, अदित, आशा, रामू, सीमा सहित तमाम दुकानदारों ने आंदोलन किया।


