
टनकपुर (चम्पावत)। भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट रिश्ते के प्रतीक रक्षा बंधन पर्व को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति ने अध्यक्ष दीपा देवी के मार्गदर्शन में अनूठी पहल की। समिति ने रक्षा बंधन के अवसर पर “एक पेड़ भाई के नाम” अभियान चलाकर लोगों को प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया।समिति की अध्यक्ष दीपा देवी के निर्देश पर नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पौधरोपण अभियान चलाया गया। इसी क्रम में गेंडाखाली नंबर-01 चिलियागोल और गेंडाखाली नं 03 में अध्यक्ष दीपा देवी के निर्देशन में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया गया।समिति अध्यक्ष दीपा देवी ने कहा कि रक्षा बंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते को मजबूत करने वाला पर्व ही नहीं, बल्कि प्रकृति के साथ अपने रिश्ते को मजबूत करने का भी अवसर है। जिस तरह बहन अपने भाई की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना करते हुए उसकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधती है, उसी भावना के साथ एक पौधा लगाकर आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव रखी जा सकती है।माँ पूर्णागिरि पर्यावरण संरक्षण समिति लगातार पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, पौधरोपण और जन-जागरूकता से जुड़े अभियानों के माध्यम से लोगों को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रेरित कर रही है।समिति की इस पहल की खास थीम “त्योहार भी और पर्यावरण संरक्षण भी” रही। समिति का उद्देश्य पर्व-त्योहारों को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए अधिक से अधिक लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करना है।अध्यक्ष दीपा देवी ने लोगों से अपील की कि वे विशेष अवसरों पर केवल औपचारिक उत्सव तक सीमित न रहें, बल्कि एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प लें, ताकि आने वाले समय में यही पौधे हरियाली, स्वच्छ हवा और सुरक्षित पर्यावरण का आधार बन सकें। इस दौरान अध्यक्ष दीपा देवी के अलावा लीला देवी, कमलेश कुमार प्रहरी, सरस्वती देवी, माया देवी, सविता देवी, महक, यामिनी, गीतांजलि, यश, सौरभ, अन्नू, गोदावरी, भागीरथी, राधा के अलावा अन्य पदाधिकारियों नें पौध रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।


