वन कर्मियों की कड़ी मेहनत से भिंगराड़ा रेंज के जंगल बच रहे हैं आग सेभिंगराड़ा

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(चम्पावत)। गर्मी के मौसम में जंगलों को भीषण आग और सूखने से बचाने के लिए वन विभाग के कर्मचारी दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। वे सड़कों के किनारे एवं जंगलों में चीड़ की सूखी पत्तियों (पिरुल) को साफ कर रहे हैं, जो आग भड़काने का मुख्य कारण होती हैं। इसके अलावा, फायर लाइन बनाने और ग्रामीणों को जागरूक करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग भिंगराड़ा द्वारा जंगल बचाने के प्रमुख प्रयास किए जा रहे हैं।वनों को आग से बचाने के लिए सड़क के किनारे और जंगल के आसपास से चीड़ की सूखी पत्तियों व अन्य ज्वलनशील कचरे को समय-समय पर हटाया जाता है। अग्निरक्षा पथ जंगलों में विशेष रास्ते बनाए जाते हैं, ताकि यदि एक हिस्से में आग लगे तो वह दूसरे हिस्से तक न फैले।आधुनिक सुरक्षा गश्त करने वाले वनकर्मियों को हिंसक जानवरों से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक स्मार्ट स्ट्रीक और बियर स्प्रे जैसे उपकरण दिए गए हैं। वन विभाग ‘वन सुरक्षा समितियों’ के साथ मिलकर ग्रामीणों को जागरूक एवं पिरुल को एकत्रित करने का काम कर रहा है और जंगलों की रक्षा में जुटे कर्मचारियों को सम्मानित भी किया जाता है। वन क्षेत्राधिकारी हिमालय सिंह टोलिया भिंगराड़ा ने बताया कि जंगलों को बचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है वन हमारी धरोहर है। यदि आपको कहीं आग लगती दिखाई दे, तो तुरंत 1926 (वन हेल्पलाइन) पर कॉल करके वन विभाग एवं क्षेत्रीय कार्यालय को सूचित करें। वनों की सुरक्षा और जंगलों में आग बुझाने के दौरान वनकर्मियों के सामने किस तरह की चुनौतियां आती हैं और उन्हें आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है।