
टनकपुर (चम्पावत) । रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने टनकपुर डिपो में सहायक महाप्रबंधक (संचालन) के कार्यकलापों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए धरना-प्रदर्शन तेज कर दिया है। परिषद द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, निगम की ऑफ रोड बसों को ऑन रोड न किए जाने से विभाग को करीब 5 करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है।परिषद का कहना है कि मंडलीय प्रबंधक (तकनीकी) द्वारा 20 अप्रैल 2026 को किए गए मूल्यांकन में यह सामने आया कि सितंबर 2025 से 11 बसें ऑफ रोड खड़ी हैं, जिससे लाखों रुपये का टैक्स जमा हो गया और निगम को भारी राजस्व हानि उठानी पड़ी। इसके बावजूद संबंधित अधिकारी के खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि निगम मुख्यालय स्तर पर कार्रवाई लंबित रहने के बावजूद संबंधित अधिकारी को उसी मंडल में बनाए रखना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषी अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक धरना जारी रहेगा।धरना कार्यक्रम की अगुवाई क्षेत्रीय अध्यक्ष भूपाल सिंह और क्षेत्रीय मंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट कर रहे हैं। इस दौरान क्षेत्रीय प्रबंध समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद रहे।परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी।


