
देहरादून। उत्तराखण्ड रोडवेज परिषद ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी एवं उत्तराखण्ड परिवहन निगम की प्रबन्ध निदेशक रीना जोशी को पत्र प्रेषित कर चम्पावत जनपद के लोहाघाट क्षेत्र में 34 यात्रियों का जीवन बचाते हुए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले निगम के संविदा चालक स्वर्गीय श्री बेनीराम थ्वाल के परिवार को विशेष आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा प्रदान किये जाने की मांग की है। परिषद के महामंत्री दिनेश पंत ने कहा कि 03 जून 2026 को धारचूला-टनकपुर मार्ग पर संचालित उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बस में अचानक तकनीकी खराबी उत्पन्न होने के बावजूद चालक स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल ने अद्वितीय साहस, धैर्य एवं कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बस को गहरी खाई में गिरने से बचाया। उनके इस साहसिक निर्णय से बस में सवार 34 यात्रियों का जीवन सुरक्षित बच गया, किन्तु स्वयं वे इस दुर्घटना में वीरगति को प्राप्त हो गये।श्री पंत ने कहा कि स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल का यह बलिदान केवल एक कर्मचारी का कर्तव्य निर्वहन नहीं, बल्कि जनसेवा, मानवता और यात्रियों की सुरक्षा के लिए दिया गया सर्वोच्च बलिदान है। ऐसे कर्मयोगी के प्रति राज्य सरकार एवं परिवहन निगम का विशेष दायित्व बनता है कि उनके परिवार को सम्मानजनक सहयोग एवं संरक्षण प्रदान किया जाये।उत्तराखण्ड रोडवेज परिषद ने मुख्यमंत्री से स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल के आश्रित परिवार को न्यूनतम ₹20 लाख की विशेष अनुग्रह सहायता प्रदान किये जाने, उनके पात्र आश्रित को उत्तराखण्ड परिवहन निगम में नियमित नियुक्ति दिए जाने, उनकी धर्मपत्नी को उत्तराखण्ड परिवहन निगम की बसों में आजीवन निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान किये जाने, स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल को मरणोपरान्त राज्य स्तरीय सम्मान अथवा विशिष्ट जनसेवा सम्मान प्रदान किये जाने, उनकी स्मृति में उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा वार्षिक पुरस्कार अथवा विशेष सम्मान की स्थापना किये जाने की मांग की हैं।परिषद ने प्रबन्ध निदेशक, उत्तराखण्ड परिवहन निगम से भी अनुरोध किया है कि स्वर्गीय चालक के समस्त सेवा देयकों, बीमा, ईपीएफ एवं अन्य अनुमन्य लाभों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर कराया जाये तथा उनके परिवार को ₹20 लाख की विशेष अनुग्रह सहायता प्रदान किये जाने हेतु निदेशक मण्डल एवं शासन को तत्काल प्रस्ताव भेजा जाये। उत्तराखण्ड रोडवेज परिषद ने कहा है कि स्वर्गीय बेनीराम थ्वाल का बलिदान सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने प्राणों की परवाह किये बिना यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर कर्तव्यनिष्ठा का जो उदाहरण प्रस्तुत किया है, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा।


