मानसून से पहले प्रशासन की तैयारी पूरी, टनकपुर में संयुक्त मॉक ड्रिल का सफल आयोजन

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टनकपुर (चम्पावत)। आगामी मानसून सीजन के दौरान संभावित प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए गुरुवार को अग्निशमन केंद्र टनकपुर के नेतृत्व में विभिन्न विभागों की संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इस दौरान बाढ़, भू-कटाव, भूस्खलन, सर्पदंश, सड़क अवरोध और रेस्क्यू जैसे विभिन्न आपदा परिदृश्यों का सफल अभ्यास किया गया।मॉक ड्रिल के पहले चरण में शारदा नदी में लगातार बारिश के कारण तेज भू-कटाव से नदी किनारे स्थित 10 से 15 मकानों में दरारें आने और जनहानि की आशंका का काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक, फायर सर्विस, एसडीआरएफ, राजस्व, चिकित्सा एवं वन विभाग की टीमें आवश्यक उपकरणों के साथ मौके पर पहुंचीं।रेस्क्यू टीम ने नदी किनारे फंसे बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालकर स्ट्रेचर के माध्यम से एम्बुलेंस तक पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। वहीं शारदा घाट पर प्रसाद की दुकान संचालित करने वाली एक महिला के सर्पदंश की स्थिति का भी सफल रेस्क्यू कर उसे अस्पताल भेजने का अभ्यास किया गया। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित रूप से राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में बनाए गए राहत शिविर में पहुंचाया गया।मॉक ड्रिल के दौरान कुल 12 घायलों का सफल रेस्क्यू किया गया, जिनमें से 4 घायलों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किए जाने का अभ्यास किया गया। इसके अलावा एक घायल श्वान का उपचार कर पशु संरक्षण का संदेश भी दिया गया।दूसरे चरण में बाटना गाड़ क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और बोल्डर गिरने से मां पूर्णागिरि धाम जा रहे श्रद्धालुओं और वाहनों के दोनों ओर फंसने का दृश्य तैयार किया गया। संयुक्त रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर रस्सियों की सहायता से श्रद्धालुओं को सुरक्षित निकाला तथा मार्ग पर गिरे पेड़ को वुडन कटर से हटाकर यातायात सुचारू करने का अभ्यास किया।प्रशासन के अनुसार इस संयुक्त मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, आपदा के समय त्वरित एवं प्रभावी राहत-बचाव कार्य सुनिश्चित करना तथा आपदा प्रबंधन की तैयारियों का परीक्षण करना था।प्रशासन की अपील: मानसून के दौरान नदी-नालों, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों और तेज बहाव वाले स्थानों से दूर रहें। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल पुलिस आपातकालीन सेवा 112 अथवा स्थानीय प्रशासन को सूचना दें।