चम्पावत में बच्चों ने बुलंद की आवाज़: “नशा हटाओ-जीवन बचाओ”, जनजागरूकता अभियान से दिया सामाजिक संदेश

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चम्पावत। कूर्मांचल संस्कृत विद्यालय परिसर में आयोजित जनजागरूकता कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने प्रभावशाली स्लोगनों के माध्यम से समाज को नशामुक्ति का संदेश दिया। कार्यक्रम में बच्चों ने “नशा हटाओ-जीवन बचाओ! गुटखा-बीड़ी मत मँगवाओ। लालच में न और फँसाओ, इसे दूर कर हमें बचाओ।।” तथा “व्यसन परोसना बुराई है, कहाँ इसमें भलाई है? इसे त्यागकर तो तुम देखो…, जीवन एक गहराई है।।” जैसे प्रेरक नारों से उपस्थित लोगों को सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का आह्वान किया।इस अवसर पर जनकवि प्रकाश चन्द्र जोशी ‘शूल’ एवं मुहिम के संयोजक तथा जीआईसी सिप्टी के प्रवक्ता सामश्रवा आर्य ने कहा कि बच्चे बचपन से ही अपने परिवार और आसपास के वातावरण से सीखते हैं। इसलिए अभिभावकों और समाज के प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का कर्तव्य है कि वे बच्चों को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखें और स्वयं भी ऐसे व्यसनों से बचें। उन्होंने कहा कि स्वस्थ और संस्कारित समाज के निर्माण में बच्चों की जागरूकता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।कार्यक्रम में शिक्षक मोहित शर्मा सहित योगिता महर, प्रिया महर, ऋषभ महर, आदित्य महर, नियति धोनी, कृष्णा धोनी, अजय धोनी, महेश पुनेठा, प्रियांशु पुनेठा, दीपांशु जोशी एवं भुवन जोशी सहित अनेक छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।