
टनकपुर (चम्पावत)। वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा पर खटीमा पुलिस द्वारा भाजपा नेता की तहरीर पर दर्ज किये गए मुकदमे पर पत्रकारों ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया। अध्यक्ष बाबूलाल यादव की अध्यक्षता व महासचिव दिनेश खर्कवाल के संचालन में आयोजित बैठक में भाजपा नेता की तहरीर और पुलिस कार्यवाही की तीखी निंदा कर आंदोलन का ऐलान किया।आपको बता दें खटीमा में हालात कुछ ऐसे बनते दिख रहे हैं मानो सच दिखाना ही सबसे बड़ा अपराध हो गया हो। गैस किल्लत की खबर दिखाने वाले वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा पर भाजपा नेता की तहरीर क्या आई, पुलिस ने बिना देर किए मुकदमा ठोक दिया, पुलिस की जांच बाद में और कार्रवाई पहले सामने नजर आयी।सीमांत पत्रकार संगठन की आपातकालीन बैठक में इस रवैये पर जमकर नाराजगी फूटी। पत्रकारों ने दो टूक कहा अगर दो दिन के भीतर सच्चाई सामने नहीं आई, तो सोमवार को आंदोलन का परचम लहराया जायेगा। अब कलम खामोश होगी, लेकिन संदेश बहुत जोर से गूंजेगा। बैठक में उपस्थित पत्रकारों ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि “जनता की समस्याएं महीनों फाइलों में सोती रहती हैं, लेकिन पत्रकार पर तहरीर आते ही सिस्टम ‘रॉकेट मोड’ में आ जाता है!” पत्रकारों ने मांग उठाई कि सिर्फ मुकदमा दर्ज करना ही नहीं, बल्कि तहरीर देने वाले की मंशा भी सार्वजनिक की जाए। आखिर यह कार्रवाई सच को दबाने की कोशिश है या फिर किसी और खेल का हिस्सा? कहा अगर पुलिस ने निष्पक्षता नहीं दिखाई, तो इस बार विरोध भी अलग होगा। कलम की स्याही सड़कों पर उतरेगी और एक ऐसी इबारत लिखी जाएगी, जिसे नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा। अब देखना हैं कि पुलिस अपनी कार्यप्रणाली पर उठ रहे इन सवालों का जवाब देती हैं या फिर “तहरीर तंत्र” का यह सिलसिला यूं ही चलता रहेगा।बैठक में अध्यक्ष बाबूलाल यादव, महासचिव दिनेश खर्कवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भुवन पाटनी, सचिव विनय शुक्ला, कोषाध्यक्ष मयंक पंत, मीडिया कोऑर्डिनेटर विनोद पाल, देवेन्द्र यादव सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।


