प्रेस की स्वतंत्रता पर आघात एवं वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के विरुद्ध दर्ज मुकदमे से आक्रोषित टनकपुर बनबसा के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, निष्पक्ष कार्यवाही की करी मांग

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टनकपुर (चम्पावत)। एलपीजी गैस की समस्या की वीडियो खबर कवरेज करने पर वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के खिलाफ एक भाजपा नेता की तहरीर पर खटीमा पुलिस द्वारा बगैर जांच के मुकदमा दर्ज किये जाने से क्षेत्र के पत्रकार खासे आक्रोषित हैं। इस मामले से गुस्साए टनकपुर बनबसा के पत्रकारों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को सम्बोधित ज्ञापन टनकपुर तहसील में सौपा, जिसमे उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराये जाने और दोषियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही किये जाने की मांग की हैं। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में कहा कि गैस की किल्लत जैसी जनहित से जुड़ी खबर को प्रमुखता से प्रकाशित/प्रसारित करने पर वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के विरुद्ध एक भाजपा नेता की तहरीर पर खटीमा पुलिस द्वारा बिना समुचित जांच के आनन-फानन में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह घटना न केवल एक पत्रकार के व्यक्तिगत उत्पीड़न का मामला है, बल्कि यह लोकतंत्र के चौथे स्तंभ प्रेस की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। पत्रकारों का दायित्व है कि वह जनसमस्याओं को निष्पक्षता और निर्भीकता से उजागर करे। यदि इस प्रकार जनहित की खबरों पर ही पत्रकारों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए जाएंगे, तो यह स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करेगा।सीएम की विधानसभा के पत्रकारों ने वरिष्ठ पत्रकार दीपक फुलेरा के विरुद्ध दर्ज मुकदमे की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच समीपवर्ती जनपद चम्पावत पुलिस से कराये जाने की मांग की हैं, ताकि निष्पक्ष जाँच हों सके, क्योंकि खटीमा पुलिस द्वारा सत्ताधारी दल के पदाधिकारी की शिकायत पर बिना साक्ष्यो की पुष्टि किये पत्रकार पर मुकदमा दर्ज कर दिया जाता हैं, जो पुलिस की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े करता हैं, ऐसे में खटीमा पुलिस से निष्पक्ष जाँच की उम्मीद करना बेमानी होंगी। उन्होंने कहा जांच पूरी होने तक मुकदमे की कार्यवाही पर रोक लगाये जाने, दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों/व्यक्तियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई सुनिश्चित किये जाने और प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा एवं स्वतंत्रता सुनिश्चित करने हेतु ठोस नीति बनाये जाने की मांग की हैं। इसके अलावा उन्होंने कहा कि भविष्य में पत्रकारों के विरुद्ध किसी भी शिकायत पर तब तक मुकदमा दर्ज न किया जाने ज़ब तक कि राजपत्रित अधिकारी स्तर पर उसकी गहन जाँच न हों जाये। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस गंभीर प्रकरण का संज्ञान लेते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों एवं प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा हेतु आवश्यक कदम उठाए जाने की मांग की हैं ताकि प्रेस की स्वतंत्रता बनी रहे।इस दौरान पत्रकार बाबूलाल यादव, दिनेश खर्कवाल, देवेन्द्र चंद देवा, भुवन पाटनी, मयंक पंत, विनोद पाल, विनय शुक्ला, दीपक धामी, आबिद हुसैन सिद्दीकि, ललित मोहन भट्ट, कुंदन विष्ट, राजीव मनराल, शुभम गौड़, पुष्कर सिंह महर, विनोद जोशी, देवेन्द्र यादव सहित अन्य पत्रकार मौजूद रहे।