
टनकपुर (चम्पावत)। हाथी के बढ़ते आतंक से परेशान ग्राम पंचायत गेंडाखाली एवं उचोलीगोठ के ग्रामीणों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा। गांव में लगातार हो रहे नुकसान और जानमाल के खतरे को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने प्रधान प्रतिनिधि गणेश महर के नेतृत्व में वन विभाग के रेंज ऑफिस पहुंचकर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को लेकर वन क्षेत्राधिकारी सुनील शर्मा को ज्ञापन सौंपा।ग्रामीणों का कहना है कि बीते कई दिनों से जंगली हाथी गांव में घुसकर फसलों, अनाज और घरेलू सामान को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। खेतों में खड़ी फसलें रौंदी जा रही हैं, घरों के आसपास रखा राशन तक सुरक्षित नहीं है। लोगों में दहशत का माहौल है और हर समय जान का खतरा बना हुआ है।धरना दे रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जल्द ही हाथी को गांव से दूर नहीं किया गया तो आंदोलन का रास्ता अख्तियार किया जाएगा। उन्होंने वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग करते हुए हाथी को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ने और गांव की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की।वहीं वन विभाग शारदा रेंज के रेंजर सुनील शर्मा ने बताया कि विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। रात्रि कालीन गश्त नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने जानकारी दी कि शुक्रवार को टीम ने हाका लगाकर हाथी को बमुश्किल खदेड़ते हुए कलोनिया के जंगल की ओर भेजा है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है।उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत वन विभाग को सूचना देने की अपील की है। इसके अलावा विभाग ने आश्वासन दिया कि हाथी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जल्द ही स्थिति को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।फिलहाल गांव में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, वहीं ग्रामीणों को वन विभाग से जल्द राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रहीं है।इस दौरान ग्राम प्रधान पूजा महर, गणेश सिंह, नेहा, अनीता देवी, आशा देवी, बबली देवी, किरन महर, पिंकी, रेवती, विमला देवी, गंगा देवी, लक्ष्मी देवी, रेखा देवी, रोहिता देवी, गंगा बोहरा, राधा देवी, गंगा देवी, गोदावरी, रेनू देवी सहित तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

