सशस्त्र सीमा बल का रिवर राफ्टिंग अभियान ‘तरणी-2026’ सफलतापूर्वक हुआ समापन

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टनकपुर (चम्पावत)। सशस्त्र सीमा बल द्वारा आयोजित अंतर-सीमांत व्हाइट वॉटर रिवर राफ्टिंग अभियान ‘तरणी-2026’ का भव्य समापन गुरूवार की शाम सीमांत मुख्यालय रानीखेत के महानिरीक्षक अमित कुमार के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। यह साहसिक एवं रोमांचक अभियान 16 मार्च 2026 को जौलजीबी (पिथौरागढ़) से प्रारंभ हुआ और लगभग 150 किलोमीटर लंबी चुनौतीपूर्ण महाकाली नदी के जलमार्ग को पार करते हुए 19 मार्च 2026 को बूम स्थित तपसी घाट पर सफलतापूर्वक पूर्ण हुआ। अभियान का संचालन 55वीं वाहिनी, पिथौरागढ़ द्वारा किया गया, जिसमें SSB के 06 विभिन्न सीमांतों से आए 36 जांबाज अधिकारियों एवं कार्मिकों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। अभियान के दौरान प्रतिभागियों ने तीव्र जलधाराओं, कठिन रैपिड्स तथा खतरनाक मोड़ों का सामना करते हुए असाधारण साहस, अनुशासन, समर्पण एवं उत्कृष्ट टीम भावना का परिचय दिया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जवानों की शारीरिक दक्षता, मानसिक दृढ़ता एवं आपसी समन्वय को सुदृढ़ करना था, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने सराहनीय प्रदर्शन किया। अभियान की सफलता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु 09 मार्च से 14 मार्च तक गोरी नदी पर गहन पूर्व-अभ्यास आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी रूप से कठिन परिस्थितियों से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया गया। पूरे अभियान में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन किया गया तथा विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की निगरानी में सभी राफ्टिंग गतिविधियां संचालित की गईं। समापन समारोह क्षेत्रक मुख्यालय पीलीभीत के मार्गदर्शन में 57वीं वाहिनी, सशस्त्र सीमा बल, सितारगंज द्वारा सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। इस आयोजन की सफलता में वाहिनी के अधिकारियों एवं कार्मिकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। समारोह के अवसर पर आकर्षक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बल के कार्मिको के साथ साथ स्कूली बच्चो ने प्रतिभाग किया I कार्यक्रम के दौरान भारतीय अधिकारियों के साथ-साथ नेपाल के अधिकारियों ने भी सहभागिता की तथा कार्यक्रम का आनंद उठाया। यह कार्यक्रम आपसी सौहार्द, सांस्कृतिक समन्वय एवं मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक रहा। मुख्य अतिथि अमित कुमार महानिरीक्षक ने प्रतिभागियों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के साहसिक अभियान न केवल जवानों की कार्यक्षमता को बढ़ाते हैं, बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता तथा विपरीत परिस्थितियों में कार्य करने की दक्षता भी विकसित करते हैं। उन्होंने सभी टीमों को उनकी सफलता के लिए बधाई दी तथा भविष्य में भी ऐसे अभियानों के आयोजन पर बल दिया। सुधांशु नौटियाल उप महानिरीक्षक, अलमोड़ा जो इस राफ्टिंग दल के प्रमुख थे ने समूचे रास्ते मे घटित घटना का सजीव चित्रण किया तथा अपना अनुभव साझा किया I इस अवसर पर नेपाल से दिगबिजय सूबेदी, डीआईजी, एपीएफ़ नेपाल, प्रेम प्रकाश सिगदेल, एसपी, 35 बीएन एपीएफ़ तथा भारतीय अधिकारी महाप्रबंधक ऋषिरंजन आर्य, अनिल कुमार शर्मा, उप महानिरीक्षक क्षेत्रक मुख्यालय पीलीभीत, रवीद्र कुमार राजेश्वरी कमांडेंट, शेर सिंह चौधरी कमांडेंट, आशीष कुमार कमांडेंट, सुरेन्द्र विक्रम कमांडेंट, डॉ अतुल कुमार राय कमांडेंट राजेंद्र कुमार कमांडेंट, डॉ बी बी सिंह द्वितीय कमान अधिकारी (चिकित्सा), अनिल कुमार यादव उप कमांडेंट, दीपक तोमर उप कमांडेंट, अरविंद कुमार सहायक कमांडेंट, जसोबंता सेनापति सहायक कमांडेंट, दिनेश कुमार सहायक कमांडेंट, सुरेन्द्र सिंह सहायक कमांडेंट सहित निरीक्षक सुशील कुमार, संजय कुमार सिंह, उप निरीक्षक महिपाल सिंह, सहायक उप निरीक्षक राजू कुमार सिंह एवं आरक्षी विजेंद्र कुमार सहित अन्य कार्मिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों के सम्मान एवं उत्साहवर्धन के साथ हुआ। ‘तरणी-2026’ अभियान सशस्त्र सीमा बल की उस दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत बल अपने कार्मिकों को हर प्रकार की चुनौती के लिए तैयार रखने के साथ-साथ साहसिक गतिविधियों के माध्यम से उनके सर्वांगीण विकास को निरंतर प्रोत्साहित करता है।