
देहरादून। दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने के लिए लागू किए गए सख्त नियमों का असर अब उत्तराखंड रोडवेज पर भी दिखाई देने लगा है। 1 नवंबर 2026 से उत्तराखंड परिवहन निगम की करीब 200 से 250 पुरानी डीजल बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लग गई है।दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के दिशा-निर्देशों और प्रदूषण नियंत्रण संबंधी नियमों के तहत BS-6 उत्सर्जन मानकों को पूरा नहीं करने वाली डीजल बसों की एंट्री प्रतिबंधित की गई है। इस दायरे में उत्तराखंड रोडवेज की BS-3 और BS-4 श्रेणी की कई बसें भी प्रभावित हुई हैं।इस प्रतिबंध का सीधा असर उत्तराखंड से दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों पर पड़ सकता है। खासकर देहरादून, हल्द्वानी, टनकपुर और अन्य प्रमुख मार्गों से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को बसों की उपलब्धता और समय-सारणी में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है।यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम की ओर से उपलब्ध BS-6, वॉल्वो और एसी बसों के फेरे बढ़ाने के साथ-साथ नई BS-6 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण के लिए उठाए गए इस कदम से जहां पर्यावरण को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं उत्तराखंड रोडवेज के सामने बसों के संचालन और यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।
हिमालय समाचार
सम्पादक: देवेन्द्र यादव



