टनकपुर में कुछ समय पहले ही शहर की कई सड़कों का डामरीकरण कराया गया था। लोगों को उम्मीद थी कि अब लंबे समय तक सड़कों से राहत मिलेगी, लेकिन कुछ ही समय बाद पाइपलाइन बिछाने के लिए नई-नई सड़कों को जगह-जगह से खोद दिया गया।
काफी समय तक सड़कें बदहाल रहीं और अब खोदी गई जगहों पर टिल्ले डालकर मरम्मत का काम किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सड़क का निर्माण कुछ समय पहले ही हुआ था और पाइपलाइन भी बिछाई जानी थी, तो पहले सड़क क्यों बनाई गई और बाद में उसे क्यों तोड़ा गया?
लोगों का यह भी सवाल है कि नई डामर सड़क के मुकाबले अब जिस तरह से टिल्ले डालकर मरम्मत की जा रही है, आखिर यह सड़क कितनी टिकाऊ होगी?
सवाल सिर्फ सड़क टूटने का नहीं… सवाल है सरकारी धन, विभागीय तालमेल और जनता को मिलने वाली सड़क की गुणवत्ता का।
अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस पूरे मामले पर क्या जवाब देता है।



