
नई दिल्ली: IDBI बैंक के निजीकरण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दी गई जानकारी के अनुसार, सरकार ने बैंक की करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेचने को मंजूरी दी है। इस सौदे के बाद बैंक के स्वामित्व में बड़ा बदलाव होने की बात कही जा रही है।
बताया जा रहा है कि सौदे के बाद खरीदार कंपनी के पास 60.72 फीसदी हिस्सेदारी होगी, जबकि केंद्र सरकार के पास करीब 15 फीसदी और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास लगभग 19 फीसदी हिस्सेदारी बचने का दावा किया गया है।
तीन साल तक नहीं बदलेगा बैंक का नाम
जानकारी के मुताबिक, अगले तीन साल तक IDBI बैंक का नाम नहीं बदला जाएगा। हालांकि, खरीदार कंपनी के नाम और सौदे की अंतिम शर्तों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।
ग्राहकों पर क्या पड़ेगा असर?
बैंक के निजीकरण की खबर के बीच ग्राहकों के मन में खाते, जमा राशि, एटीएम और बैंकिंग सेवाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्वामित्व बदलने से ग्राहकों के खातों और जमा राशि में अपने आप कोई बदलाव नहीं होता। भविष्य में बैंकिंग सेवाओं से जुड़े बदलाव आधिकारिक घोषणाओं पर निर्भर करेंगे।



