
हरिद्वार। उत्तराखंड विधानसभा के दो दिवसीय सत्र से पहले खानपुर विधानसभा सीट से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार के इस्तीफे के ऐलान ने प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। उमेश कुमार ने विपक्ष पर जनता के मुद्दों को मजबूती से न उठाने का आरोप लगाते हुए विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की है।
उमेश कुमार ने कहा कि हरिद्वार में किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं, लेकिन उनके इस मुद्दे पर कोई साथ खड़ा नहीं हो रहा है। उन्होंने नाराजगी जताते हुए कहा कि वह न कांग्रेस में जा रहे हैं और न ही भाजपा में शामिल होंगे। उनका कहना है कि वह उन नेताओं के समर्थन में नारे नहीं लगा सकते, जो कभी उनके दरवाजे पर आकर बैठा करते थे।विधायक ने बुधवार को विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देने की बात कही है। हालांकि, अभी तक इस्तीफे की घोषणा हुई है और विधानसभा अध्यक्ष को औपचारिक रूप से इस्तीफा सौंपा जाना बाकी है।अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि उमेश कुमार अपने ऐलान पर कायम रहते हुए इस्तीफा सौंपते हैं या फिर प्रदेश की सियासत में आने वाले घटनाक्रम के बीच उनका फैसला बदलता है।



