
टनकपुर, 21 अक्टूबर 2026। राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, ग्राम गैंडा खाली, टनकपुर में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंपावत के दिशा-निर्देशों के क्रम में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस दौरान विद्यालय में स्थापित लीगल एड क्लीनिक (स्कूल सहायता केंद्र) एवं नशा विरोधी यूनिट के माध्यम से कक्षा 11 की छात्राओं को विभिन्न सामाजिक बुराइयों के प्रति जागरूक किया गया।शिविर में नालसा की ‘नशा मुक्त भारत के लिए नशा जागरूकता एवं मार्गदर्शन योजना, 2025’ के तहत छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि नशे की लत व्यक्ति के जीवन को बुरी तरह प्रभावित करती है। इससे परिवार को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है तथा व्यक्ति के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। छात्राओं को नशे से दूर रहने, दूसरों को जागरूक करने और समाज से इस बुराई के समूल विनाश का संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही नशे की रोकथाम के उपायों की जानकारी भी दी गई।इसके अतिरिक्त, बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ भी जागरूकता अभियान चलाया गया। छात्राओं को बताया गया कि बाल विवाह बच्चों के शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं सामाजिक विकास में बाधा उत्पन्न करता है। कम उम्र में विवाह होने से बच्चों पर समय से पहले जिम्मेदारियों का बोझ पड़ जाता है, जिससे उनका समुचित विकास प्रभावित हो सकता है। बाल विवाह को सामाजिक कुरीति के साथ-साथ कानूनन अपराध बताते हुए इसके लिए निर्धारित दंड एवं सजा के प्रावधानों की जानकारी भी दी गई।इस अवसर पर पीएलवी अधिकार मित्र अनिल कुमार, सहयोगी पीएलवी बिजेंद्र अग्रवाल, अध्यापक सुरेंद्र पाल, अध्यापिका रेखा कन्याल, छात्रा कनक चौहान, छात्रा अंकिता पुजारी तथा सामाजिक कार्यकर्ता नरेश सकारी उपस्थित रहे।



